रीवा। रविवार 29 अगस्त को हुई जिला पंचायत की स्थाई समितियों के गठन प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं। जिला पंचायत में 10 स्थाई समितियों का गठन किया गया लेकिन देवतालाब विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित एक भी सदस्य को समितियों का अध्यक्ष नहीं बनाया गया। न भाजपा के निर्वाचित सदस्य को अवसर दिया गया न ही विपक्ष के सदस्यों को। जबकि देवतालाब विधानसभा क्षेत्र में पांच वार्ड 14, 25,26, 27,व 28 आता है। इनमें भाजपा समर्थित के साथ ही कांग्रेस व बसपा समर्थित सदस्य चुनाव जीते हैं। इनमें से किसी भी सदस्य को समिति का अध्यक्ष नहीं बनाया गया जबकि अन्य विधानसभा क्षेत्रों के दो-तीन सदस्यों को स्थाई समितियों की कमान दी गई है। इसको लेकर देवतालाब क्षेत्र के जिपं सदस्यों में नाराजगी है। भाजपा के मूलमंत्र सबका साथ सबका विश्वास से परे दिख रहा है। हालांकि समितियों के गठन में भाजपा के अलावा बसपा व कांग्रेस के सदस्यों को समिति की जिम्मेदारी दी गई है। दलीय हिसाब से तो संतुलन बनाने का अच्छा प्रयास किया गया लेकिन क्षेत्रीय दृष्टिकोण से असंतुलित है। बता दें कि सिरमौर विधान सभा क्षेत्र से नीता कोल स्वयं अध्यक्ष है और सामान्य प्रशासन स्थाई समिति की अध्यक्ष हैं। जिपं उपाध्यक्ष स्थाई शिक्षा समिति के अध्यक्ष हैं। वह गुढ़ , रीवा व सेमरिया विधानसभा क्षेत्र से हैं। गुढ़ विधान क्षेत्र से निर्मला संजीव द्विवेदी, ऊष्मा ललन मिश्रा को समिति अध्यक्ष बनाया गया है। रीवा विधानसभा क्षेत्र से अनीता धीरेंद्र पटेल, सेमरिया विधान सभा क्षेत्र से योगेंद्र सिंह, त्योंथर विधानसभा से डॉ संगीता सोनल शर्मा, मऊगंज विधानसभा से अनीता सुमन व अनीता सिंह गौड़ को अध्यक्ष बनाया गया है जबकि मनगवां विधानसभा क्षेत्र से नंदिनी हर्षवर्धन सिंह गौरक्षा समिति का अध्यक्ष बनाया गया। असंतुष्ट सदस्यों की माने तो विधानसभा अध्यक्ष के नजदीकी सदस्यों को किनारे रखने के लिए ऐसा किया गया। ऐसा हो सकता या नहीं यह पार्टी का अंदरूनी मामला है। लेकिन देवतालाब विधानसभा क्षेत्र के वार्डों में बसपा के आशीष पटेल, कांग्रेस से प्रमोद जायसवाल, मालती मिश्रा, भाजपा से देवेंद्र शुक्ल निर्वाचित हुए हैं। इनमें से किसी एक को अध्यक्ष बनाया जाना चाहिए था ऐसा नहीं किया गया। इससे सवाल उठना तो लाजिमी है।
हर समिति में 7 सदस्य
सामान्य प्रशासन समिति को छोड़कर सभी समितियों में 7 सदस्य हैं। सामान्य प्रशासान समिति में अध्यक्ष के अलावा सभी 9 समितियों के अध्यक्ष भी शामिल रहेंगे। 9 समितियों में 7 सदस्य रखने से जितने भी जिपं सदस्य हैं सभी को किसी न किसी समिति में बैठने को जरूर मिलेगा। बताया गया है कि वार्ड 27 से निर्वाचित पद्मेश गौतम ने किसी भी समिति शामिल होने से इंकार कर दिया था। इस तरह पद्मेश को छोड़ कर अन्य सभी किसी न किसी समिति में हैं। जिपं सदस्य देवेंद्र शुक्ल ने समिति गठन के समय देवतालाब विधानसभा क्षेत्र से किसी सदस्य को समिति अध्यक्ष न बनाए जाने पर आपत्ति भी जाहिर की थी।
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