रीवा। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में जेआर, एसआर की भर्ती में मनमानी चल रही है। नियोनेटालॉजी विभाग शुरू भी नहीं हुआ और यहां जेआर, एसआर भर दिए गए। दो महीने से सीनियर रेसीडेंट की पदस्थापना नियोनेटोलॉजी में की गई है लेकिन डॉक्टर के पास काम करने के लिए विभाग ही नहीं। एसआर इधर उधर भटक रहा है। वहीं कई आमद ही दर्ज नहीं कराए जो लापता हैं।
सरकार ने रीवा के लोगों केा बेहतर उपचार देने के लिए सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की नींव रखी। सरकार की मंशा पर मेडिकल कॉलेज प्रबंधन पानी फेरने में लगा है। यहां जेआर, एसआर की भर्ती का खेल शुरू कर दिया गया है। सुपर स्पेशलिटी की आड़ में जेआर, एसआर की ऐसी भर्तियों के आदेश कर दिए गए जिनकी किसी को भनक तक नहीं लगी। सुपर स्पेशलिटी में जो विभाग शुरू भी नहीं हुए उन विभाग में जेआर, एसआर पदस्थ कर दिए गए। कई ऐसे भी विभाग है, जिनमें जूनियर रेसीडेंस तो पदस्थ किए गए लेकिन उन्होंने अस्पताल में आमद ही नहीं दर्ज कराई गई। वर्तमान में कहां काम कर रहे हैं। किसी को पता ही नहीं है। जुलाई में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में यूरोलॉजी, न्यूरोलॉजी, कॉर्डियोलॉजी, नियोनेटोलॉजी, निश्चेतना विभाग में साीनियर रेसीडेंट की भर्तियां की गईं थी। 6 जुलाई को इंटरव्यू बुलाया गया था। इसके बाद नियुक्ति आदेश जारी किया गया था। 76 हजार रुपए का स्टायपेड भी निर्धारित किया गया। इस नियुक्ति आदेश में अन्य विभागों में एसआर की नियुक्ति तो समझ में आती है लेकिन नियोनेटोलॉजी विभाग शुरू भी नहीं है। यहां एसआर की भर्ती कर दी गई। पिछले दो महीने से भुगतान भी हो रहा है।
इनका नियुक्ति आदेश जारी किया गया था
6 जुलाई 2022 को इंटरव्यू में चयन समिति की अनुशंसा के बाद 6 डॉक्टरों की एसआर पद पर नियुक् ित की गई थी। इसमें डॉ उपेन्द्र सिंह पिता महेन्द्र सिंह, बर्दादीह मारूतीनगर रोड के पहले सतना का यूरोलॉजी, उपेन्द्र सिंह पिता महेन्द्र सिंह पता बर्दादीह मारूतीनगर रोड के पहले सतना का न्यूरो सर्जरी, डॉ अनुभव गुप्ता पिता दिनेश प्रसाद गुप्ता पता सुभाष चौक के पास पुरानी बस्ती रोड अमरपाटन सतना का कार्डियोलॉजी विभाग, डॉ सैय्यद मोहम्मद अरशद पिता सैय्यद अश्फाक आलम अर्जुन नगर कालोनी रीवा का नियोनेटोलॉजी विभाग, डॉ प्रमोद पाण्डेय पिता दयाशंकर पाण्डेय गायत्री नगर का निश्चेतना, डॉ निष्ठा शर्मा पिता गंगा प्रसाद शर्मा जीवन बिहार रायपुर छत्तीसगढ़ का निश्चेतना विभाग में नियुक्ति आदेश किया गया था। इसमें नियोनेटोलॉजी विभाग में भर्ती समझ से परे है।
एसजीएमएच में दिखा रहे हंै सेवा
हद तो यह है कि सुपर स्पेशलिटी के नाम पर कॉलेज प्रबंधन मनमानी कर रहा है। यहां से कई जेआर, एसआर की नियुक्ति का आदेश जारी किया गया है। नियुक्ति आदेश जारी होने के बाद डॉक्टरों ने सुपर स्पेशलिटी अस्पताल तक पहुंचे ही नहीं। कई सुपर स्पेशलिटी का आदेश लेकर संजय गांधी अस्पताल, गांधी मेमोरियल अस्पताल के वार्डों में सेवाएं दे रहे हैं। कई सिर्फ आदेश लेकर घरों में और किसी दूसरे शहर में पीजी की तैयारी में जुटे हुए हैं। इस तरह का फायदा उठाने वाले प्रबंधन के रिश्तेदारों में से एक हैं।
सुपर स्पेशलिटी में इस तरह की अनियमितता की भरमार
ज्ञात हो कि सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में कई पद श्रृजित हैं। इनकी सारी भर्तियां अब वीकली होने लगी है। इसकी सारी प्रक्रिया डीन मेडिकल कॉलेज के कार्यालय से ही संचालित हो रही है। भर्ती के लिए कमेटी भी बनाई गई है। ऐसे में सुपर स्पेशलिटी के नाम पर किसकी किसकी कहां भर्तियां हो रही हैं। किसे नियुक्त किया जा रहा है। सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के प्रबंधन को पता ही नहीं चल पाता। सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में इस तरह के फर्जी जेआर, एसआर के आदेश की भरमार है। फाइलें खंगाली जाएंगी तो कई और राज सामने आएंगे।
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