सतना। भले ही प्रदेश सरकार कितने भी दावे अच्छे स्वास्थ्य सेवाएं व मातृ रक्षा के कर ले लेकिन सामने आ रहे मामले पोल खोल ही देते हैं। यहां एक बार फिर सामने आए मामले ने इंसानियत को संर्मिंदा कर दिया। बता दें कि बलत्कार पीडि़ता के गर्भ में पांच माह का बच्चा था और उसकी मौत खून की कमी से हो गई। इस मौक ने कानून व्यवस्था के साथ-साथ जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर दिया है।
क्या है मामला…
घटना सतना जिले के अमरपाटन थाना की है। पुलिस के मुताबिक अमरपाटन थाना क्षेत्र में गत 18 अगस्त को बलत्कार पीडि़ता 17 वर्षीय किशोरी की मौत हो गई थी, मामले में दीपू कोल निवासी चोरखरी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि 17 वर्षीय किशोरी की 18 अगस्त को सिविल अस्पताल अमरपाटन में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। उसे तबियत बिगडऩे पर अस्पताल लाया गया था। मेडिकल चेकअप के दौरान डॉक्टर्स को पता चला कि वह गर्भवती थी। उसके गर्भ में 5 महीने का बच्चा था। कम उम्र में गर्भवती होने के कारण उसमें खून की कमी हो गई थी और वो बेहद कमजोर हो गई थी। जिसके कारण उसकी मौत हो गई।
मार्च में पकड़ा गया था आरोपी
जानकारी के मुताबिक गत मार्च के महीने में दीपू कोल ने नाबालिग के घर में घुसकर जबरजस्ती की थी। आरोपी पीडि़ता के घर में घुसकर उसके साथ जोर जबरदस्ती कर रहा था तभी उसकी मां वहां पहुंच गई थी। जिसे देख कर आरोपी भाग गया। उस वक्त पीडि़ता ने अपनी मां को बताया था कि आरोपी दीपू कोल ने शादी का झांसा देकर कई बार दुष्कृत्य किया था। लेकिन तब सामाजिक बदनामी के भय से रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई थी। तब यह भी अंदाजा नहीं था कि बात इस हद तक पहुंच जाएगी कि दुष्कर्म का शिकार उसकी बेटी के पेट में बच्च होगा।