रीवा। रीवा-सतना रेललाइन दोहरीकरण परियोजना धीमी गति से चल रही है। विगत माह सतना के कैमा स्टेशन से सकरिया स्टेशन तक रेललाइन दोहरीकरण का कार्य पूरा हुआ है। साथ ही, कैमा से सकरिया के बीच 6 किलोमीटर रेललाइन दोहरीकरण का कार्य पूर्ण किया गया। इसके पहले सतना से कैमा 6 किलोमीटर और रीवा से तुर्की 12 किलोमीटर रेललाइन दोहरीकरण का कार्य हो चुका है। इस प्रकार रीवा से सतना के बीच अब तक करीब 24 किलोमीटर रेललाइन का दोहरीकरण हुआ है, जबकि 28 किलोमीटर यानि 50 प्रतिशत से अधिक रेललाइन दोहरीकरण का कार्य शेष है। गत वर्ष पश्चिम मध्य रेलवे के चीफ ट्रैक इंजीनियर ने निर्माणाधीन ट्रैक का निरीक्षण किया था। उस दौरान पमरे के चीफ ट्रैैक इंजीनियर के साथ डिप्टी चीफ कंसट्रक्शन भी मौजूद रहे। दोनों अधिकारियों ने छोटे-छोटे लक्ष्य बनाकर रीवा से सतना दोहरीकरण का काम पूरा करने के निर्देश दिए थे। फिर भी निर्माण को गति देने में संबंधित ठेकेदार पीछे रह गए। इस महत्वपूर्ण रेललाइन दोहरीकरण परियोजना के कार्य की पिछले 5 सालों से निरंतर अवधि बढ़ाई जा रही है लेकिन काम है कि पूरा होने का नाम नहीं ले रहा। पहले यह कार्य दिसम्बर 2017 में पूरा होना था। साल दर साल कार्य अवधि बढ़ाते हुए अब रेल प्रशासन ने निर्माण के लिए नया लक्ष्य मार्च 2023 दिया है। हालांकि इस अवधि तक में भी दोहरीकरण निर्माण पूरा होने के आसार नहीं हैं।
वर्ष 2015 में स्वीकृत हुई थी परियोजना
पमरे अंतर्गत रीवा-सतना के बीच रेललाइन दोहरीकरण की परियोजना वर्ष 2015 में स्वीकृत हुई थी। इसके लिए रेल मंत्रालय ने 490 करोड़ बजट आवंटित किया। इस दोहरीकरण कार्य के लिए 21 करोड़ रूपये रेल बजट 2022 में आवंटित हुए हैं। इसके पूर्व 2021 में 18 करोड़, 2020 रेल बजट में 52 करोड़ और 2018 में 75 करोड़ रूपये में दोहरीकरण हेतु मिले थे। इसके बावजूद रीवा-सतना के बीच रेल लाइन दोहरीकरण का कार्य गति नहीं पकड़ पा रहा है।
रीवा स्टेशन का होगा विकास
रीवा-सतना के बीच रेलालाइन दोहरीकरण पूरा होन के बाद रीवा स्टेशन का विकास और तेजी से हो सकेगा। विंध्य में सीमेंट कारखाने अधिक होने से रेल प्रबंधन को माल ढुलाई से प्राप्त होने वाली आय में वृद्धि होगी। वहीं रीवा स्टेशन से नई यात्री ट्रेन के संचालन की सम्भावना बढ़ेंगी। यहीं नहीं रीवा को जंक्शन के रूप में विकसित करने के अवसर भी बनेेंगे।
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